नैनिताल की पावन नगरी में स्थित नैना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक पवित्र धाम है, जहाँ माता सती की नेत्र गिरने की मान्यता है। नैनी झील के उत्तरी तट पर बसा यह मंदिर भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है और यहाँ माता काली व भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ मुख्य गर्भगृह में नेत्रों की पूजा की जाती है। नवरात्रि और नंदाष्टमी के पावन अवसर पर यहाँ लाखों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, जो माता के दिव्य दर्शनों का लाभ उठाते हैं।
मुख्य आकर्षण
- धार्मिक महत्व: 51 शक्तिपीठों में गिना जाने वाला पवित्र स्थल जहाँ माता सती की नेत्र गिरी थीं।
- मुख्य देवता: गर्भगृह में नैना देवी की नेत्र, साथ ही माता काली और भगवान गणेश की विराजमान मूर्तियाँ।
- प्रमुख त्योहार: नवरात्रि और नंदाष्टमी पर भव्य मेले और आठ दिवसीय उत्सव मनाए जाते हैं।